सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर राज्यपाल अनुसूईया उइके ने अपनी ओर से दो लाख रुपए का चेक सैनिक कल्याण बोर्ड को दिया है। राज्यपाल ने कहा, भूतपूर्व सैनिक अपनी जरूरतों के लिए पेंशन पर निर्भर हैं। ऐसे में सहयोग राशि अधिक से अधिक जुटाई जाए और उनकी आर्थिक परेशानियों को दूर करने के प्रयास बढ़ाया जाए। इसके साथ ही राज्यपाल ने सेना भर्ती की नई स्कीम अग्निवीर से भी जुड़ने का युवाओं को आह्वान किया, जिसमें पेंशन की कोई व्यवस्था ही नहीं है।
राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित समारोह में राज्यपाल अनुसूईया उइके ने कहा, सेना के तीनों अंगों के योगदान से ही हमारा देश सुरक्षित है और निरंतर सामरिक रूप से सशक्त हो रहा है। किसी भी प्राकृतिक आपदा एवं संकट की घड़ी में भी हमारे जवान, आम जनता की सेवा में कंधे से कंधा मिलाकर मदद करते हैं। अभी जांजगीर-चांपा जिले में बोरवेल में गिरे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में भी हमारी सेनाओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राज्यपाल ने कहा, भूतपूर्व सैनिक अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पेंशन पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में जीवनयापन से जुड़ी कई चुनौतियों का उन्हें सामना करना पड़ता है। इसलिए आवश्यकता है कि अधिक से अधिक सहयोग राशि प्राप्त हो और उनकी आर्थिक परेशानियों को दूर करने के प्रयास बढ़ाए जाएं।