दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब खत्म हो चुकी शराब नीति से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अपनी गिरफ्तारी को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। केजरीवाल के मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने ईडी एजेंसी की “देरी करने की रणनीति” पर सवाल उठाए। इस मामले की सुनवाई जज स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ करेगी। ईडी की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एजेंसी को कल ही केजरीवाल की याचिका की प्रति मिली है और विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा है।
सिंघवी ने ईडी के कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए तीन हफ्ता का समय मांगे जाने पर कहा, “वह व्यक्ति जेल जा चुका है। 23 मार्च को याचिका दायर की गई थी। बाद में दोष ठीक हो गए। मुझे यकीन है कि राजू नहीं चाहते कि हम उन्हें दोषपूर्ण प्रति प्रदान करें। कल देर रात दोषों को दूर कर दिया गया और हमने उसी वक्त उनके साथ याचिका साझा कर दी थी।” जज स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि वह जवाब मांगेंगी और अंतरिम राहत पर सुनवाई के लिए एक छोटी तारीख देंगी।