मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर में आयोजित ‘लाड़ली बहना योजना’ के भव्य कार्यक्रम में प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में योजना की 29वीं किस्त के 1541 करोड़ रुपये अंतरित किए। इसी अवसर पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि भाईदूज और दीपावली के अवसर से बहनों को अब 1500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ी हुई राशि प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बहनों के कल्याण और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्योपुर में विकास की नई इबारत:
मुख्यमंत्री ने श्योपुर जिले के लिए 532 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के लिए दो सबसे बड़ी सौगातें दीं:
- मेडिकल कॉलेज: मुख्यमंत्री ने कहा कि श्योपुर को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 1956 में मात्र 5 थी, जो अब बढ़कर 32 हो गई है, जिसमें बीते एक वर्ष में स्थापित हुए 8 कॉलेज शामिल हैं। उन्होंने शीघ्र ही नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज खोलने की भी घोषणा की।
- ब्रॉड गेज रेल लाइन: इस सौगात से क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे और रोज़गार बढ़ेगा।
किसान और पर्यटन फोकस:
- पार्वती-काली सिंध चंबल परियोजना: मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना का लाभ श्योपुर अंचल के किसानों को मिलेगा। यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा को भी पीछे छोड़ देगा। उन्होंने किसानों को अपनी जमीन न बेचने की सलाह देते हुए कहा कि आने वाले समय में भूमि की कीमत कई गुना बढ़ जाएगी।
- किसानों को लाभ: प्रदेश सरकार किसानों के लिए गेहूँ पर ₹2600 प्रति क्विंटल और बोनस राशि तथा भावांतर जैसी योजनाएं लागू कर रही है।
- कूनो पर्यटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कूनो में चीतों की पुनर्स्थापना की पहल से श्योपुर में पर्यटन को बढ़ावा मिला है, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए रोज़गार और आर्थिक समृद्धि के द्वार खुले हैं।
- एमएसएमई को बढ़ावा: श्योपुर में रोज़गार बढ़ाने के लिए दाल मिल, चावल मिल जैसे लघु और मध्यम उद्योग (MSME) प्रारंभ करने की पहल की गई है।
अन्य स्थानीय सौगातें:
मुख्यमंत्री ने श्योपुर में ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण, ढोढर में सांदीपनि विद्यालय के निर्माण, सलापुरा से मातासूला तक सड़क निर्माण, ढोढर के हायर सेकेंडरी स्कूल में गणित और विज्ञान की कक्षाएं शुरू करने तथा सीप एवं कदवाल नदी के घाटों (गुप्तेश्वर, सोनेश्वर, पंडित घाट, जाति घाट) के सौंदर्यीकरण को भी स्वीकृति दी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।