नशामुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर सिरोही जिले के एक सुदूर गांव में चल रही एक गुप्त मेफेड्रोन निर्माण प्रयोगशाला (सीक्रेट लैब) का भंडाफोड़ किया है।
मुख्य गिरफ्तारियां और बरामदगी:
- बरामदगी: मौके से सैकड़ों किलोग्राम केमिकल जब्त किए गए, जिनसे लगभग 100 किलोग्राम मेफेड्रोन का निर्माण किया जा सकता था।
- बाजार मूल्य: जब्त किए गए केमिकल्स से बनने वाले मेफेड्रोन का अनुमानित बाजार मूल्य 40 करोड़ रुपये है।
- गिरफ्तारियां: लैब के मास्टरमाइंड समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
- मास्टरमाइंड का खुलासा: मास्टरमाइंड वाला राम (निवासी जालौर, राजस्थान) है। पूछताछ में पता चला कि सिविल सेवा सहित विभिन्न परीक्षाओं में असफल होने के बाद, जल्दी पैसा कमाने के लिए उसने डार्कनेट का उपयोग कर मेफेड्रोन बनाने की प्रक्रिया सीखी और वर्चुअल सिम का उपयोग करके सिंडिकेट चलाया।
- सामग्री की आपूर्ति: उसने गुजरात के अंकलेश्वर से रसायन और लैब उपकरण प्राप्त किए। वह मेफेड्रोन तस्करी के एक CBN मामले में भी वांछित था।
ऑपरेशन और समन्वय:
- ज़ीरो टॉलरेंस: यह कार्रवाई प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नशीले पदार्थों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस के दृष्टिकोण को दर्शाती है।
- खुफिया जानकारी: NCB ने मासिक NCORD तंत्र के माध्यम से राजस्थान पुलिस को संवेदनशील बनाया था। सिरोही पुलिस को धनत्राई गांव के एक फार्म हाउस में रसायनों और उपकरणों से भरे ड्रम मिले, जिसकी सूचना उन्होंने तुरंत NCB, जोधपुर को दी।
- तकनीकी पुष्टि: राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU), गांधीनगर की टीम ने घटनास्थल पर इस्तेमाल किए जा रहे प्रीकर्सर्स (precursors) की मौजूदगी की पुष्टि की।
- सहयोग: इस संयुक्त अभियान ने 5 दिनों के भीतर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया, जो NCB और राजस्थान पुलिस के बीच सफल सहयोग का प्रमाण है।
ड्रग्स का फैलाव:
- मेफेड्रोन का उपयोग राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों में साइकोट्रोपिक ड्रग्स के तौर पर तेज़ी से बढ़ रहा है।
नागरिकों से अनुरोध: NCB नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना MANAS हेल्पलाइन नंबर 1933 पर देने का अनुरोध करता है।