पहाड़ी बर्फबारी से मैदानी इलाकों में बढ़ी सर्दी, मध्य प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट; उत्तराखंड के जंगलों में लगी भीषण आग
पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठंड काफी बढ़ गई है। मध्य प्रदेश में आज शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार को राज्य के 24 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 4°C तक गिर गया।
अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल:
- राजस्थान: आज से कड़ाके की सर्दी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और अगले एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के कारण शनिवार को जोधपुर और जैसलमेर समेत कुछ जिलों में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई।
- उत्तराखंड: रविवार को बद्रीनाथ-केदारनाथ सहित अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। उत्तरकाशी समेत 3 जिलों (उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़) में बारिश की संभावना है। शनिवार को केदारनाथ में तापमान -16°C और बद्रीनाथ में -11°C दर्ज किया गया।
- हिमाचल प्रदेश: ठंड इतनी बढ़ गई है कि झरनों का पानी जमने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में पारा माइनस में चला गया है, जिसके कारण पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। लाहौल स्पीति के कोकसर में एक झरना जम गया।
- बिहार/हरियाणा: बिहार में न्यूनतम तापमान 8°C (सबौर) तक पहुंच गया है, हालांकि अभी शीतलहर के हालात नहीं हैं। हरियाणा में भी नारनौल का न्यूनतम तापमान 3.8°C पहुंचा है, और 9 दिसंबर से बर्फीली हवाएं चल सकती हैं।
हिमालय के जंगलों में आग और प्रदूषण का खतरा:
दिसंबर की सर्दी के बीच हिमालय के जंगल धधक उठे हैं। उत्तराखंड के बागेश्वर, चमोली, गोपेश्वर और अल्मोड़ा-रानीखेत के इलाकों में आग का दायरा लगातार बढ़ रहा है। बागेश्वर की गढ़खेत रेंज के रियुनी, लखमार और बगोटिया के जंगलों में भी आग फैल चुकी है।
इस आग के कारण उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का खतरा और अधिक बढ़ गया है। गढ़खेत के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कांडपाल ने बताया कि आग बहुत बड़े क्षेत्र में फैली है, इसलिए काबू पाने में समय लग रहा है और स्थानीय लोगों का सहयोग लिया जा रहा है।
असामान्य मौसम आग का कारण:
पिछले दो महीनों से पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी पूरी तरह से रुकी हुई है। जहां इस समय पहाड़ों पर बर्फ होनी चाहिए, वहां बर्फ गायब है, और दिन का तापमान कई जगह 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। मौसम की यह असामान्यता ही जंगलों में आग लगने का मुख्य कारण बताई जा रही है।