नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चर्चा की शुरुआत की। लगभग एक घंटे के अपने भाषण में उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ अंग्रेजों को दिया गया एक करारा जवाब था, और यह नारा आज भी प्रेरणा दे रहा है।
पीएम मोदी ने बताया कि महात्मा गांधी को भी यह गीत पसंद था और वे इसे राष्ट्रीय गान के रूप में देखते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस गीत की ताकत इतनी बड़ी थी, तो पिछले दशकों में इसके साथ इतना अन्याय और विश्वासघात क्यों हुआ? उन्होंने पूछा कि वह कौन सी ताकत थी, जिसकी इच्छा पूज्य बापू की भावनाओं पर भी भारी पड़ी।
आंकड़ों में पीएम का भाषण: अपने एक घंटे के भाषण में पीएम मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ का 121 बार, ‘देश’ का 50 बार, ‘भारत’ का 35 बार, और ‘अंग्रेज’ का 34 बार जिक्र किया। उन्होंने बंकिम चंद्र चटर्जी का नाम 10 बार लिया।
नेहरू पर निशाना: पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि मोहम्मद अली जिन्ना ने 15 अक्टूबर 1936 को लखनऊ से ‘वंदे मातरम्’ के खिलाफ नारा बुलंद किया, तो तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना ‘सिंहासन डोलता दिखा’। उन्होंने कहा कि नेहरू ने मुस्लिम लीग के आधारहीन बयानों की निंदा करने के बजाय, ‘वंदे मातरम्’ की ही पड़ताल शुरू कर दी। मोदी के अनुसार, नेहरू ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए और कांग्रेस ने गीत के ‘टुकड़े’ कर दिए।
पीएम के भाषण की मुख्य बातें:
- सौभाग्य: उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ का स्मरण करने को सदन का सौभाग्य बताया, जिसने आजादी के आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी थी।
- तेजी से बढ़ता भारत: उन्होंने कहा कि जब यह 50 साल का था, तब देश गुलाम था; 100 साल पर आपातकाल था; और आज जब यह 150 वर्ष पूरे कर रहा है, तो भारत विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
- कांग्रेस पर तंज: मोदी ने कांग्रेस की नीतियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि INC अब ‘MNC’ हो गया है और इसके साथ जुड़ने वाले लोग ‘वंदे मातरम्’ पर विवाद खड़ा करते हैं।