सांस्कृतिक विरासत सहेजने के लिए चार जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र बनेंगे: मुख्यमंत्री

सांस्कृतिक विरासत सहेजने के लिए चार जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र बनेंगे: मुख्यमंत्री

खजुराहो: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो में अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य विभागों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों की संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चार जिलों—मंडला (बैगा), छिंदवाड़ा (भारिया), श्योपुर (सहरिया) और धार (भील)—में ‘जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र’ स्थापित किए जाएं।

शिक्षा और स्वरोजगार पर फोकस: डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को छात्रावासों में नवीन तकनीक के उपयोग और उच्च शिक्षा एवं स्वरोजगार के लिए युवाओं को सरल तथा त्वरित ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘पीएम जनमन योजना’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के साथ-साथ ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के माध्यम से जनजातीय समाज में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया।

विभागीय प्रगति की झलक: बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने पिछले दो वर्षों में छात्रावासों की 90% से अधिक क्षमता का उपयोग किया है और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित प्रकरणों का भुगतान लगभग पूरा कर दिया है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के तहत 31 नए विद्यार्थियों का चयन हुआ है। जनजातीय कार्य विभाग ने 1.28 लाख से अधिक पीएम आवास पूरे किए हैं और जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया है। नवाचार के तहत ‘परख ऐप’ और गोंड पेंटिंग को जीआई टैग मिला है।

समीक्षा के दौरान मंत्रीगण और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने अगले तीन वर्षों की कार्य योजना भी प्रस्तुत की, जिसमें आईटी सुधार, छात्रावासों का निर्माण और विभागीय पोर्टल का पूर्ण डिजिटलीकरण शामिल है।

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