देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में लगातार आठ दिनों से जारी परिचालन संकट के मद्देनजर, सरकार ने एयरलाइन पर सख्त कार्रवाई की है। सोमवार को सिविल एविएशन मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक के बाद इंडिगो को अपनी 10% उड़ानें घटाने का निर्देश जारी किया गया है।
यह कटौती विशेष रूप से हाई-डिमांड और हाई-फ्रीक्वेंसी रूट पर की गई है। इस फैसले से इंडिगो की प्रतिदिन संचालित होने वाली लगभग 2,300 उड़ानों में से करीब 230 उड़ानें प्रभावित होंगी। इसके अतिरिक्त, इंडिगो को बुधवार शाम 5 बजे तक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को एक संशोधित उड़ान शेड्यूल जमा करने का आदेश दिया गया है।
यात्रियों की निगरानी के लिए टीमें तैनात: केंद्र सरकार ने मौजूदा हालात की जाँच करने और यात्रियों को हो रही परेशानियों का पता लगाने के लिए 10 बड़े एयरपोर्ट (मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम) पर उप सचिव, निदेशक और संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है।
इंडिगो का दावा, संकट अभी भी जारी:
- इंडिगो CEO पीटर एल्बर्स ने दावा किया कि एयरलाइन फिर से पटरी पर आ गई है और ऑपरेशन स्थिर है। उन्होंने कहा कि लाखों ग्राहकों को उनका पूरा रिफंड मिल चुका है, और वे सरकार के साथ सहयोग कर रहे हैं।
- हालांकि, इंडिगो की उड़ानें रद्द होने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। देशभर में आज 400 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं।