ISRO का महत्वाकांक्षी मिशन PSLV-C62/EOS-N1 तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ गया है। 1 घंटा 48 मिनट लंबे इस मिशन का सफर महज 8 मिनट में ही संकट में पड़ गया।
घटनाक्रम की मुख्य बातें:
- लॉन्च: सुबह 10:18 बजे श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान।
- गड़बड़ी: उड़ान के 8वें मिनट में तीसरे चरण के दौरान मार्ग से भटकाव।
- परिणाम: रॉकेट की चौथी स्टेज (PS4) का इग्निशन (505.12 सेकंड पर) सफल नहीं रहा, जिससे सैटेलाइट्स ऑर्बिट में इंजेक्ट नहीं हो पाए।
- प्रभाव: मुख्य सैटेलाइट EOS-N1 और 14 अन्य पेलोड्स के साथ-साथ स्पेनिश स्टार्टअप का ‘KID’ कैप्सूल भी अंतरिक्ष में नहीं पहुंच सका।
इसरो प्रमुख डॉ. नारायणन के अनुसार, रॉकेट को 512 किलोमीटर की ऊंचाई पर सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट (SSO) में पहुंचना था। पिछले साल के C-61 मिशन की यादें ताजा करते हुए इस बार भी ‘तीसरी स्टेज’ ही सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई। फिलहाल इसरो की टीम डेटा का विश्लेषण कर रही है ताकि खराबी के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।