नई दिल्ली: भारतीय सेनाओं को भविष्य के युद्ध के लिए तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने 22 जनवरी, 2026 को सशस्त्र बलों के लिए ‘क्वांटम प्रौद्योगिकी नीति ढांचा’ (Policy Framework) जारी किया। यह व्यापक विजन डॉक्यूमेंट तीनों सेनाओं में क्वांटम तकनीक के एकीकरण के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करता है।
मुख्य बिंदु:
- चार स्तंभों पर ध्यान: इस नीति का लक्ष्य क्वांटम संचार, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सेंसिंग एंड मेट्रोलॉजी, और क्वांटम सामग्री एवं उपकरणों को रक्षा तंत्र में शामिल करना है।
- रणनीतिक बढ़त: इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीकी वर्चस्व हासिल करना और भविष्य की चुनौतियों के लिए सेना को तैयार करना है।
- राष्ट्रीय मिशन के साथ तालमेल: यह दस्तावेज राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के साथ सैन्य उद्देश्यों के समन्वय पर जोर देता है, ताकि रक्षा बल इस तकनीक के विकास में एक अभिन्न हिस्से के रूप में कार्य कर सकें।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भी उपस्थित रहे।