भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ (कृषि वर्ष) के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मूल लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना है, जो केवल उत्पादकता और आधुनिक तकनीक के समन्वय से संभव है।
नीतिगत निर्णय और नवाचार:
- क्षेत्रीय कृषि कैबिनेट: किसानों की समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘कृषि कैबिनेट’ का आयोजन होगा, जिसकी शुरुआत निमाड़ अंचल से की जाएगी।
- डिजिटल कृषि (एग्री स्टैक): अब किसानों को सभी लाभ ‘एग्री स्टैक’ के माध्यम से मिलेंगे। बैंक खातों को समग्र आईडी से जोड़ा जाएगा और क्यूआर कोड तकनीक से खाद-बीज की ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित होगी।
- ब्राजील दौरा: दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ मध्य प्रदेश के पशुपालकों को उन्नत तकनीक सीखने के लिए ब्राजील भेजा जाएगा।
- केसीसी अभियान: पैक्स समितियों के माध्यम से उन किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराए जाएंगे, जो अब तक इस सुविधा से वंचित हैं।