मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की धार्मिक अस्मिता का प्रतीक है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
मुख्य निर्देश और रणनीतियां:
- नैनो मैनेजमेंट: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ‘माइक्रो मैनेजमेंट’ से ऊपर उठकर ‘नैनो मैनेजमेंट’ अपनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अब युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू होनी चाहिए और अधिकारी 24/7 सक्रिय मोड में रहें।
- रिवर्स कैलेंडर: निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए ‘रिवर्स कैलेंडर’ बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगामी दो वर्षाकालों की चुनौतियों के बावजूद काम समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके।
- सीएम हाउस में सिंहस्थ सेल: कार्यों की सीधी निगरानी के लिए मुख्यमंत्री निवास पर एक विशेष ‘सिंहस्थ सेल’ का गठन किया जाएगा। जिन विभागों में पदों की कमी है, वहां तत्काल नियुक्तियां की जाएंगी और जरूरत पड़ने पर अनुभवी सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाएं भी ली जाएंगी।