उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन के ग्राम हरियाखेड़ी में 1133.67 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना’ का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 47.23 करोड़ रुपये के 11 अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बन चुका है और अब यह सिंहस्थ-2028 के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- 24 महीने का लक्ष्य: इस वृहद जल परियोजना को अगले दो वर्षों में पूरा किया जाएगा।
- विस्तृत नेटवर्क: इसके तहत 708 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे।
- भविष्य की जरूरत: सिंहस्थ के दौरान एक ही दिन में लगभग 2.28 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए सिलारखेड़ी, गंभीर, उंडासा और साहिबखेड़ी को मुख्य जल स्रोत बनाया गया है।
- शहरी विकास: उज्जैन के निकटवर्ती 20 गांवों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा और 49,087 नए घरेलू कनेक्शन दिए जाएंगे।