भोपाल: मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर ‘भारत भवन’ ने अपनी स्थापना के 44 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस गौरवशाली अवसर पर आयोजित 10 दिवसीय समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत भवन को केवल एक मंच न मानकर ‘जीवन की रचना’ और ‘संवाद का जीवंत केंद्र’ बताया।
मुख्य आकर्षण और सम्मान: समारोह के पहले दिन मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध बांसुरी वादक पद्म विभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया और भारत भवन की न्यासी सदस्य पद्मश्री भूरीबाई को शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. चौरसिया की साधना ऐसी है कि निर्जीव बांसुरी में भी प्राण फूंक देती है।
सांस्कृतिक महत्व: मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि कला सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा माध्यम है, जो दूरियां मिटाकर सकारात्मक समाज का निर्माण करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत भवन की ख्याति अगले 440 वर्षों तक इसी प्रकार बनी रहे। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि 13 फरवरी 1982 को स्थापित यह संस्थान अब भोपाल की ‘सांस्कृतिक आत्मा’ बन चुका है।