नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सरकार के विजन को स्पष्ट किया है। हाल ही में दिए गए एक इंटर्व्यू में उन्होंने कहा कि भारत आज जिस आर्थिक मजबूती और स्थिर नीतियों के स्तर पर है, उसी के कारण वह दुनिया के 38 देशों के साथ अपनी शर्तों पर ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा बजट कोई अल्पकालिक फैसला नहीं, बल्कि 21वीं सदी के दूसरे चरण और 2047 के विकसित भारत का रोडमैप है।
साक्षात्कार की प्रमुख बातें:
- आर्थिक सुधार और FTA: पीएम ने बताया कि टेक्सटाइल, लेदर और MSME सेक्टर को वैश्विक बाजार दिलाने के लिए 38 देशों के साथ व्यापार समझौतों पर काम जारी है। उन्होंने UPA काल के ‘आर्थिक कुप्रबंधन’ की आलोचना करते हुए कहा कि पहले बातचीत शुरू होकर टूट जाती थी, लेकिन अब भारत ठोस नतीजों की ओर बढ़ रहा है।
- रक्षा और आधुनिकीकरण: रक्षा बजट में वृद्धि को अनिवार्य बताते हुए मोदी ने कहा कि देश की सेनाओं का आधुनिकीकरण और उन्हें हर समय तैयार रखना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
- निजी क्षेत्र की भूमिका: पीएम ने प्राइवेट सेक्टर से आह्वान किया कि वे केवल मार्जिन बचाने के बजाय रिसर्च (R&D) और सप्लाई चेन में निवेश करें और अपने मुनाफे का हिस्सा श्रमिकों (वर्कर्स) के साथ भी साझा करें।