रेलवे का स्वच्छता मिशन: 80 लंबी दूरी की ट्रेनों में शुरू होगी AI आधारित सफाई और मेंटेनेंस व्यवस्था

रेलवे का स्वच्छता मिशन: 80 लंबी दूरी की ट्रेनों में शुरू होगी AI आधारित सफाई और मेंटेनेंस व्यवस्था

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा? अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं और कोच या टॉयलेट गंदा है, तो अब आपकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी। रेलवे की नई नीति के तहत यात्री गंदगी की फोटो खींचकर ‘रेल वन एप’ (Rail One App) या रेलवे के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर सकेंगे।

चलती ट्रेन में ही होगी मरम्मत: सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि अब यात्रियों को छोटी-मोटी तकनीकी समस्याओं से भी निजात मिलेगी। अगर चलती ट्रेन में कोई लाइट या स्विच खराब है, तो उसे यात्रा के दौरान ही ठीक करने की व्यवस्था की गई है।

प्रमुख बदलाव:

  • जनरल कोच पर ध्यान: पहली बार अनारक्षित कोचों को भी रनिंग सफाई के दायरे में लाया गया है।
  • त्वरित निगरानी: एआई कैमरों से सफाई के स्तर की जांच की जाएगी।
  • समय सीमा: अगले 6 महीनों में 80 प्रमुख ट्रेनों में यह सुविधा शुरू हो जाएगी।

मुख्य बिंदु:

  • नया लक्ष्य: अगले छह महीने में देश की 80 चुनिंदा ट्रेनों का कायाकल्प।
  • रिफॉर्म का मॉडल: ’52 सप्ताह, 52 रिफॉर्म’ योजना के तहत हर हफ्ते एक नया सुधार।
  • तकनीक का इस्तेमाल: सफाई की पारदर्शिता के लिए एआई (AI) कैमरे और फीडबैक के लिए ‘रेल वन एप’।

व्यवस्था में बदलाव का आधार: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में वेंडरों के बीच समन्वय की कमी थी। अब लिनेन से लेकर बाथरूम तक की सफाई का काम एकीकृत (Integrated) कर दिया गया है। इससे न केवल सफाई की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि यात्रियों की शिकायतों का निस्तारण भी तेजी से होगा। इस योजना में प्रत्येक रेलवे जोन की 5 से 6 महत्वपूर्ण ट्रेनों को शामिल किया गया है, जिसका विस्तार धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क में किया जाएगा।

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