नई दिल्ली: दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन तकनीक और निवेश की दुनिया में बड़े बदलावों की नींव रखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित उपयोग पर जोर देते हुए एक क्रांतिकारी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह खाद्य पदार्थों पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, उसी तरह डिजिटल कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए ताकि असली और एआई-जनित सामग्री में अंतर स्पष्ट हो सके।
इसी मंच से रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत को ‘इंटेलिजेंस युग’ का नेतृत्व दिलाने के लिए अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। समिट में आज दुनिया भर के दिग्गजों का जमावड़ा रहा, जिनमें गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और ओपन एआई के सैम ऑल्टमैन प्रमुख थे। 16 फरवरी से शुरू हुआ यह पांच दिवसीय कार्यक्रम 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें 110 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 100 से ज्यादा ग्लोबल सीईओ शिरकत कर रहे हैं।