कूनो नेशनल पार्क में पहली बार दिखा दुर्लभ ‘फॉरेस्ट ऑउलेट’; 113 वर्षों तक विलुप्त माने जाने वाले पक्षी ने पक्षीविदों को चौंकाया

कूनो नेशनल पार्क में पहली बार दिखा दुर्लभ ‘फॉरेस्ट ऑउलेट’; 113 वर्षों तक विलुप्त माने जाने वाले पक्षी ने पक्षीविदों को चौंकाया

कूनो: पक्षी विज्ञान की दुनिया में मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। विश्व के सबसे दुर्लभ शिकारी पक्षियों में शुमार और ‘लुप्तप्राय’ श्रेणी में शामिल फॉरेस्ट ऑउलेट (एथिन ब्लेविटी) को पहली बार कूनो में देखा गया है। यह खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इस प्रजाति के ज्ञात वितरण क्षेत्र (Distribution Area) के विस्तार का बड़ा संकेत है।

खोज का घटनाक्रम: इस दुर्लभ पक्षी को सबसे पहले स्थानीय पर्यटन से जुड़े श्री लाभ यादव ने पारोंद बीट में देखा था। इसकी पुष्टि वाइल्ड लाइफ रिसर्च एण्ड कंजर्वेशन सोसायटी, पुणे के विशेषज्ञ श्री विवेक पटेल ने मौके पर की। मध्यप्रदेश में अब तक यह पक्षी केवल पूर्वी खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल तक ही सीमित माना जाता था।

ऐतिहासिक संदर्भ:

  • 1872: पहली बार खोजा गया।
  • 1884-1997: करीब 113 साल तक इसे विलुप्त मान लिया गया था।
  • 1997: महाराष्ट्र के नंदुरबार में इसे पुनः खोजा गया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा।

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