मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को झीलों की नगरी भोपाल में नगर पालिक निगम के नवनिर्मित अत्याधुनिक मुख्यालय ‘अटल भवन’ का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राजधानीवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बना यह भवन शहर में सुशासन, पारदर्शिता और बेहतर नागरिक सुविधाओं का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि देश की ‘क्लीन और ग्रीन’ कैपिटल के रूप में पहचान बना चुका भोपाल इस नए प्रशासनिक केंद्र के माध्यम से विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने भवन का गहन अवलोकन किया और परिसर में स्थापित ‘स्वच्छता शपथ पटल’ पर संदेश दिया कि ‘भोपाल स्वच्छता में नंबर-वन रहेगा’। इसी कार्यक्रम में डॉ. यादव ने नीमच जिले के देवरी में स्थित 14 करोड़ रुपये की लागत वाली सौर ऊर्जा परियोजना का रिमोट के जरिए लोकार्पण किया। पीपीपी मोड पर आधारित इस परियोजना से उत्पादित बिजली का उपयोग भोपाल नगर निगम के कार्यों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे शहनाई वादक कल्लू भाई और उनके दल को 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने के निर्देश भी दिए।
भवन की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पूर्णतः ‘ग्रीन बिल्डिंग’ अवधारणा पर आधारित है, जहाँ प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल को अब एक ‘मेट्रोपॉलिटन सिटी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें आसपास के जिलों—विदिशा, सीहोर, रायसेन और राजगढ़ को जोड़कर एक विशाल विकास क्षेत्र तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भवन न केवल ऊर्जा संरक्षण का उदाहरण है, बल्कि नागरिकों की सभी समस्याओं का एक ही छत के नीचे समाधान करने वाला केंद्र भी है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। उन्होंने सफाई मित्रों को पीपीई किट प्रदान की और ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत लाभार्थियों को मकान की चाबियाँ सौंपी। साथ ही, ‘पीएम स्वनिधि योजना’ के अंतर्गत छोटे उद्यमियों को ऋण राशि के चेक वितरित किए गए। इस अवसर पर भोपाल के प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर, महापौर मालती राय सहित कई विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।