मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक स्तर पर सादगी और बचत का संदेश देते हुए अपने सुरक्षा काफिले में कटौती की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मोदी के सुझावों पर अमल करते हुए राज्य सरकार ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जो अगले निर्देश तक प्रभावी रहेंगे।
मंत्रिपरिषद की बैठक में इस विषय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रहित में संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग अनिवार्य है। इसी कड़ी में, अब उनके भ्रमण के दौरान वाहनों का बड़ा रेला दिखाई नहीं देगा। मुख्यमंत्री के कारकेड में अब सीमित संख्या में यानी 8 वाहन ही चलेंगे और किसी भी प्रकार की रोड-रैली पर प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय शासन की कार्यप्रणाली में अनुशासन और मितव्ययता लाने के उद्देश्य से लिया गया है।
नियमों की यह सख्ती केवल मुख्यमंत्री तक सीमित नहीं है; कैबिनेट के अन्य मंत्रियों को भी अपनी यात्राओं में न्यूनतम वाहनों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने नवनियुक्त निगमों और मंडलों के अध्यक्षों को भी हिदायत दी है कि वे पदभार संभालते समय अनावश्यक तामझाम और रैली आयोजित न करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की जनता और जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने आह्वान किया है कि शासकीय और निजी, दोनों स्तरों पर वाहनों के उपयोग को सीमित किया जाए। राज्य सरकार का मानना है कि इन छोटे किंतु महत्वपूर्ण बदलावों से न केवल पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, बल्कि ईंधन की बचत से आर्थिक संसाधनों का संरक्षण भी होगा।