ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन को सुरक्षित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार ने डिंडोरी जिले में एक बड़ी स्वास्थ्य मुहिम शुरू की है। मंगलवार को पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री श्री लखन पटेल ने बरगांव में ‘वृहद पशु टीकाकरण अभियान’ का उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात राज्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान गलघोंटू जैसे जानलेवा रोगों की रोकथाम के लिए बेहद जरूरी है। इससे न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि पशुपालकों की आय और उनके निवेश की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। कुल 35 चिन्हित गांवों में 50 अलग-अलग टीमें घर-घर जाकर सर्वे और टीकाकरण करेंगी। परिवहन और त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों और सहायक कर्मचारियों से लैस 22 वाहनों (4 बसें और 18 चार पहिया वाहन) के बेड़े को रवाना किया गया है। राज्यमंत्री पटेल ने अधिकारियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि टीकाकरण का लाभ प्रत्येक पात्र पशु तक पहुंचे और अभियान में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
सभा को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ने जन-जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि ग्रामीण स्तर पर मुनादी करवाई जाए ताकि पशुपालक स्वयं आगे आकर इस अभियान का हिस्सा बनें। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों, जिनमें पीएचई मंत्री श्रीमती संपतिया उईके और सांसद श्री फग्गनसिंह कुलस्ते शामिल थे, ने भी इस पहल की सराहना की और इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया।
यह अभियान विभिन्न संस्थानों के साझा प्रयासों का परिणाम है। इसमें नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर, पशुपालन विभाग जबलपुर और डिंडोरी की तकनीकी टीमों का विशेष योगदान है। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया सहित जिले के जनप्रतिनिधि और चिकित्सा जगत के विशेषज्ञ मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि पशुओं को रोगमुक्त रखकर ही ग्रामीण आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।