डायल-112 की तत्परता से बचाई गई घायल हिरण के बच्चे की जान, वन्यजीव संरक्षण की पेश की मिसाल

डायल-112 की तत्परता से बचाई गई घायल हिरण के बच्चे की जान, वन्यजीव संरक्षण की पेश की मिसाल

मध्यप्रदेश के गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र में पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए एक घायल हिरण के बच्चे को सुरक्षित बचाकर उपचार उपलब्ध कराया है। 11 मई को हुई यह घटना स्पष्ट करती है कि आपातकालीन सेवा डायल-112 न केवल नागरिकों की सहायता के लिए है, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति भी उतनी ही सजग और संवेदनशील है।

राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) भोपाल को सोमवार को सूचना मिली थी कि आरोन क्षेत्र के ग्राम चितावर में एक हिरण का बच्चा कुत्तों के हमले में घायल हो गया है और उसे तत्काल मदद की जरूरत है। जानकारी मिलते ही क्षेत्र में तैनात डायल-112 की एफआरव्ही (FRV) टीम को बिना समय गंवाए मौके के लिए रवाना किया गया।

घटनास्थल पर पहुंचे आरक्षक जितेंद्र यादव और पायलट विजय रघुवंशी ने देखा कि वन क्षेत्र से भटककर आया यह छोटा हिरण अपने झुंड से अलग हो गया था। इसी दौरान कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर तड़प रहा था। पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे तुरंत अपने संरक्षण में लिया।

जवानों ने घायल हिरण के बच्चे को एफआरव्ही वाहन की मदद से तत्काल वन केंद्र आरोन पहुंचाया। वहां वन विभाग के अधिकारियों को उसे सुपुर्द किया गया, ताकि उसे उचित उपचार और देखरेख मिल सके। पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।

‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला के तहत साझा की गई यह घटना मध्यप्रदेश पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा को रेखांकित करती है। यह दर्शाता है कि विषम परिस्थितियों में पुलिस बल केवल मानव सुरक्षा ही नहीं, बल्कि बेजुबान वन्य प्राणियों के जीवन की रक्षा के लिए भी सदैव तत्पर रहता है।

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