भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (UPI) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को फ्रांस के नीस मैसेना स्थित प्रसिद्ध रिटेल स्टोर ‘गैलरीज लाफायेट’ में आधिकारिक तौर पर यूपीआई सेवा की शुरुआत की। इस कदम को भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि फ्रांस के इस विख्यात रिटेल आउटलेट में यूपीआई का शुभारंभ होना भारत की सुदृढ़ तकनीकी क्षमताओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के विश्वस्तरीय डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म को फ्रांस के एक प्रमुख शॉपिंग डेस्टिनेशन तक पहुंचाना, इसके वैश्विक प्रसार की ओर बढ़ाया गया एक और ठोस कदम है।
इस परियोजना के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि लाइरा कलेक्ट और एनआईपीएल (NIPL) के आपसी सहयोग से संभव हुई यह पहल भारत की उस क्षमता को दर्शाती है, जिसके जरिए वह वैश्विक स्तर पर सुरक्षित, सहज और आपस में जुड़ने योग्य (इंटरऑपरेबल) डिजिटल समाधान प्रदान कर सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सेवा से भारत और फ्रांस के बीच न केवल आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर सहयोग बढ़ेगा, बल्कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी भी एक नए मुकाम पर पहुंचेगी।
द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कुशल मार्गदर्शन में दोनों देशों के रिश्तों में एक नई ऊर्जा आई है। रक्षा, अर्थव्यवस्था, तकनीक और नवाचार (इनोवेशन) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दोनों राष्ट्र लगातार एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। इस दौरे के दौरान वाणिज्य मंत्री ने प्रसिद्ध विधिवेत्ता और आईआईटी दिल्ली बोर्ड के चेयरमैन हरीश साल्वे द्वारा आयोजित एक विशेष डिनर कार्यक्रम में भी शिरकत की, जहां उन्होंने दोनों देशों के कॉरपोरेट लीडर्स, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं से संवाद किया।
इस विशेष बैठक में पीयूष गोयल ने फ्रांस के निवेशकों और कॉर्पोरेट जगत को भारत के विकास की कहानी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साझा प्रयास एक समृद्ध और टिकाऊ भविष्य की नींव रख सकते हैं। अपने इस आधिकारिक दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यूरोप के विख्यात विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र ‘सोफिया एंटीपोलिस’ का भी अवलोकन किया, जिसे आमतौर पर यूरोप की सिलिकॉन वैली के नाम से जाना जाता है।
इस तकनीकी केंद्र की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सोफिया एंटीपोलिस इस बात का एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे अनुसंधान, हुनर और उद्योग जगत मिलकर आर्थिक प्रगति को नई रफ्तार दे सकते हैं। वर्तमान में इस हब के भीतर 2,600 से अधिक कंपनियां आधुनिक और अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में शोध और विकास का काम कर रही हैं।