सोनम वांगचुक ने 28 जून से नीट पेपर लीक मामले के विरोध में चल रहे आंदोलन के समर्थन में शुरू किया गया अपना अनशन 26 दिन बाद समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म करने के उपरांत जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने उल्लेख किया कि यह कदम अनशन का समापन है, लेकिन परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने की एक नई शुरुआत है।
वीडियो में जानकारी देते हुए वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ-साथ लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष उन्होंने अपना अनशन पूरा किया। उन्होंने साझा किया कि विभिन्न दलों के 65 सांसदों ने उनसे संपर्क कर या पत्र भेजकर स्वास्थ्य की चिंता करते हुए अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था और यह वादा किया था कि वे संसद में नीट पेपर लीक और मौजूदा परीक्षा प्रणाली के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
सोनम वांगचुक के अनुसार, सरकार तथा सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से यह ठोस आश्वासन प्राप्त हुआ है कि देश की बदहाल परीक्षा प्रणाली और उसकी जवाबदेही पर भारतीय संसद में बहस कराई जाएगी। इसके अलावा, पेपर लीक से हताश होकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने वाले युवाओं के परिवारों को आर्थिक मुआवजा प्रदान करने और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई पुलिस मामला दर्ज न करने का भी भरोसा दिया गया है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर दिए जा रहे धरने को समर्थन देने के लिए वांगचुक 28 जून से अनशन पर थे। अनशन के दौरान उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और आदेश के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले का स्वागत करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा की। दिपके ने कहा कि 26 दिनों बाद अनशन का समाप्त होना पूरे देश के लिए राहत की बात है। उन्होंने वांगचुक के अप्रतिम साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस कदम ने देश को जागरूक किया है और उनका जीवन देश के हित में बेहद अनमोल है।