राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुशंसा पर शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। यह निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के अंतर्गत लिया गया। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ने प्रल्हाद जोशी को उनके वर्तमान मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने की स्वीकृति भी प्रदान की है।
राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई कि प्रधानमंत्री की सलाह पर कैबिनेट मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह नई व्यवस्था तुरंत प्रभाव से लागू मानी जाएगी, जिसके तहत जोशी अपने मौजूदा विभागों के साथ इस नए मंत्रालय का कामकाज भी देखेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान का यह निर्णय देश में हाल ही में हुए पेपर लीक विवाद के बाद सामने आया है। अपने पद से त्यागपत्र देने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम उन्होंने विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और देश की युवा पीढ़ी को किसी भी प्रकार की गुमराह करने वाली स्थिति से दूर रखने के लिए उठाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेषित अपने पत्र में पूर्व शिक्षा मंत्री ने देश की शिक्षा व्यवस्था के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने उल्लेख किया कि विद्यार्थियों और राष्ट्र के व्यापक हित में पद छोड़ना उनका नैतिक दायित्व था। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार शिक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार लाने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने के अपने संकल्प पर निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।