ट्रंप ने गोलीबारी के बाद पहली बार कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर को किया संबोधित, कहा- मतभेदों का हल गोलियों से नहीं, बहस से होना चाहिए

ट्रंप ने गोलीबारी के बाद पहली बार कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर को किया संबोधित, कहा- मतभेदों का हल गोलियों से नहीं, बहस से होना चाहिए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन (डब्ल्यूएचसीए) के वार्षिक डिनर में शिरकत की। गोलीबारी की हिंसक घटना के बाद इस आयोजन में उनका यह पहला संबोधन था। सैकड़ों पत्रकारों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में राष्ट्रपति ने स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक मतभेद का समाधान हिंसा या गोलियों के बजाय स्वतंत्र एवं तर्कपूर्ण चर्चा के जरिए ही निकाला जाना चाहिए।

संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने अगले वर्ष भी इस पारंपरिक कार्यक्रम में शामिल होने का औपचारिक ऐलान किया, जिसका उपस्थित अतिथियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अप्रैल महीने में डब्ल्यूएचसीए के पिछले डिनर के समय घटी गोलीबारी की घटना का उल्लेख किया, जब एक सशस्त्र हमलावर ने अचानक फायरिंग कर दी थी। हालांकि, सुरक्षा में तैनात कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावर को मौके पर ही नियंत्रित कर लिया था, जिसके बाद कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।

हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए ट्रंप ने कहा कि ऐसी घटनाएं सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी समाज राजनीतिक हिंसा के सामने कभी भी आत्मसमर्पण नहीं करेगा। जघन्य हमलों का जवाब एकजुटता और अटूट संकल्प के साथ दिए जाने की बात कहते हुए उन्होंने दोहराया कि असहमति को सुलझाने का रास्ता केवल लोकतांत्रिक बहस से होकर जाता है।

राष्ट्रपति ने कार्रवाई के दौरान घायल हुए सीक्रेट सर्विस के अधिकारी विक्टर गोंजालेज के साथ-साथ पूरी सीक्रेट सर्विस टीम, मेट्रोपॉलिटन पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के प्रति आभार जताया। उन्होंने हमलावर को “एक असफल और सनकी व्यक्ति” करार दिया। गोंजालेज की कर्तव्यनिष्ठा का विशेष जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि चोटिल होने के बाद भी वह अस्पताल जाने को तैयार नहीं थे। ट्रंप के इन शब्दों के बाद पूरा हॉल सुरक्षाकर्मियों के सम्मान में खड़ा हो गया और उनका धन्यवाद किया।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ट्रंप ने खुलासा किया कि गोलीबारी के घटनाक्रम के बाद उन्हें अपने पहले से तैयार संबोधन में बदलाव करना पड़ा। उन्होंने बताया कि मूल भाषण काफी अधिक आक्रामक और प्रभावकारी लिखा गया था, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने उस शैली को त्यागना ही उचित समझा।

अपने लगभग एक घंटे लंबे भाषण में राष्ट्रपति ने जहां एक ओर राजनीतिक विरोधियों और मीडिया के कुछ हिस्सों की आलोचना की, वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस प्रेस कोर की लगन की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि वह मीडियाकर्मियों के कार्य का सम्मान करते हैं। इसके अलावा, उन्होंने अपनी प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के कठिन दायित्वों का भी जिक्र किया।

ट्रंप ने डब्ल्यूएचसीए की निवर्तमान अध्यक्ष वेइजिया जियांग और भावी अध्यक्ष जैकी हेनरिक का विशेष रूप से उल्लेख किया। जियांग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि संकट के समय साथ काम करने से एक-दूसरे के प्रति सम्मान बढ़ा है, जबकि हेनरिक को उन्होंने एक बेहद कुशल और सख्त पत्रकार बताया।

भविष्य के आयोजनों पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने प्रस्ताव दिया कि आगामी कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर व्हाइट हाउस परिसर में निर्माणाधीन नए बॉलरूम में आयोजित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस निर्माण कार्य की प्रगति तय समयसीमा से आगे चल रही है और यह निर्धारित बजट के भीतर ही पूरा हो रहा है।

अपने भाषण के अंतिम चरण में ट्रंप ने राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अपना विश्वास प्रकट किया। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अमेरिका एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और वर्तमान समय देश के लिए ‘स्वर्ण युग’ की शुरुआत है।

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