होर्मुज जलमार्ग पर ईरान ने सख्त किए नियम, उल्लंघनकर्ता जहाजों पर जब्ती और सेवा शुल्क लगाने की तैयारी

होर्मुज जलमार्ग पर ईरान ने सख्त किए नियम, उल्लंघनकर्ता जहाजों पर जब्ती और सेवा शुल्क लगाने की तैयारी

होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात का नियमन करने वाली ईरानी संस्था ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (पीजीएसए) ने रविवार को कड़े दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि ईरानी नियमों का पालन न करने वाले जहाजों के भविष्य के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

नियामक निकाय ने ‘एक्स’ पर साझा किए गए संदेश में स्पष्ट किया है कि संभावित प्रतिबंधों के तहत जहाजों पर वित्तीय जुर्माना, उन्हें कब्जे में लेना अथवा जब्ती की कार्रवाई शामिल है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, पीजीएसए ने फारस की खाड़ी में व्यापार करने वाली लॉजिस्टिक्स कंपनियों और व्यापारियों को सतर्क किया है कि वे जहाजों को अनुबंधित करने से पहले गैर-अनुपालक पोतों की आधिकारिक सूची का मिलान जरूर करें।

दूसरी ओर, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा से संबंधित मसौदा प्रस्ताव के एक अनुच्छेद को मंजूरी प्रदान कर दी है। समिति के प्रवक्ता हसन कशकावी के हवाले से समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि इस कदम के जरिए ईरान जलमार्ग में दी जाने वाली सुरक्षा, नौवहन, बीमा, विशेष परिस्थितियों में ईंधन भरने और पर्यावरण से जुड़ी सेवाओं के लिए अनिवार्य शुल्क वसूल करेगा।

इस घटनाक्रम से पूर्व, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कैरोलिना में एक राजनीतिक रैली को संबोधित करते हुए इस जलडमरूमध्य पर अमेरिकी अधिकार का दावा किया था, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं दिया गया। उन्होंने उल्लेख किया कि ईरान समझौते को लेकर उत्सुक है, लेकिन अमेरिका उसे कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस टकराव से उनकी घरेलू आर्थिक योजनाओं पर असर पड़ा है।

गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र में यह तनाव 28 फरवरी के बाद अधिक बढ़ गया, जब ईरानी ठिकानों पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के प्रत्युत्तर में ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नियंत्रण सख्त कर दिया और अमेरिका व इजरायल से जुड़े जहाजों के सुरक्षित आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया।

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