इंडोनेशियाई समुद्री सीमा के भीतर सोमवार शाम रिक्टर पैमाने पर 6.4 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, शाम 7:40 बजे आए इस भूकंप की गहराई जमीन से करीब 37 किलोमीटर नीचे मापी गई। इंडोनेशियाई एजेंसी बीएमकेजी ने भी इस घटना की पुष्टि की है।
द्वीप समूह में भूकंपीय हलचल लगातार जारी है। इससे पूर्व 18 अगस्त को दोपहर 1:02 बजे (स्थानीय समय) उत्तरी सुमात्रा के नियास द्वीप के पास 6.1 तीव्रता का झटका महसूस किया गया था। साउथ नियास रीजेंसी से 147 किलोमीटर दूर और 29 किलोमीटर की गहराई में आए इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं बना था और तत्काल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली थी।
हालांकि, 15 अगस्त को ईस्ट नुसा तेंगारा (एनटीटी) प्रांत में आए 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी जानमाल का नुकसान किया है। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) के सोमवार के आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 68 पहुंच गया है और घायलों की संख्या 213 दर्ज की गई है। नागेकेओ रीजेंसी के मबे से 30 किमी उत्तर-पूर्व में 15 किमी गहराई पर केंद्रित इस भूकंप के बाद 1,576 से अधिक हल्के झटके (आफ्टर-शॉक) रिकॉर्ड किए गए।
बीएनपीबी के प्रिवेंशन डिप्टी अब्दुल मुहरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मौमंगराई रीजेंसी में सर्वाधिक 26 तथा ईस्ट मंगराई में 24 मौतें हुईं। शेष मौतों में नागेकेओ से आठ, सिक्का से चार, और एंडे, वेस्ट मंगराई व नगाडा से दो-दो मामले शामिल हैं।
प्रांतीय आकलन के अनुसार, कुल 914 घर पूरी तरह तबाह हो गए, 126 को मध्यम श्रेणी का और 317 को हल्का नुकसान पहुंचा। सार्वजनिक परिसंपत्तियों में 93 स्कूल-कॉलेज, 36 स्वास्थ्य केंद्र और 38 सरकारी दफ्तर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
हालात को संभालने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रभावित मंगराई और नागेकेओ क्षेत्रों में दो अस्थायी अस्पताल तैयार किए हैं और संकट प्रबंधन दलों को तैनात किया है। इंडोनेशियाई सेना दूरदराज के क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम संभाल रही है। पश्चिमी और पूर्वी फ्लोरेस में बिजली व्यवस्था 99.5 फीसदी तथा फ्लोरेस में टेलीकॉम सेवाएं 95.4 फीसदी तक सामान्य हो चुकी हैं। प्रांतीय सरकार ने इस संकट के मद्देनजर 14 दिवसीय आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि लागू की है।