केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण 25 अगस्त से 2 सितंबर 2026 के बीच कनाडा और अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर जा रही हैं। आठ दिनों तक चलने वाले इस दौरे का मुख्य एजेंडा वैश्विक आर्थिक प्राथमिकताओं पर सहयोग को बढ़ावा देना, विदेशी निवेश को आकर्षित करना और रणनीतिक वित्तीय संबंधों को प्रगाढ़ करना है।
टोरंटो में आयोजित होने वाली पहली भारत-कनाडा आर्थिक एवं वित्तीय वार्ता इस यात्रा का एक प्रमुख केंद्र बिंदु होगी, जिसमें वित्त मंत्री अपने कनाडाई समकक्ष फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन के साथ द्विपक्षीय चर्चा का नेतृत्व करेंगी। इस संवाद में वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, वित्तीय नीतियों, दोनों देशों के बीच निवेश के अवसरों और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की दिशा में चल रही पहलों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दोनों देश पहले से ही ऊर्जा, नवाचार, महत्वपूर्ण खनिजों और लॉजिस्टिक्स आपूर्ति श्रृंखलाओं को सशक्त बनाने में जुटे हैं।
कनाडा में निवेश को बढ़ावा देने के लिए निर्मला सीतारमण एआई, ऊर्जा और खनिज क्षेत्र के वैश्विक उद्योगपतियों के साथ संवाद करेंगी। इसके अलावा भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित बिजनेस राउंडटेबल में दीर्घकालिक निवेश और GIFT City-IFSC में पूंजी निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। वित्त मंत्री ‘कनाडा-इंडिया बिजनेस काउंसिल’ व ‘कनाडियन क्लब ऑफ टोरंटो’ के मंच से भी द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य पर अपनी बात रखेंगी और प्रमुख कनाडाई कंपनियों के सीईओ के साथ वन-ऑन-वन बैठकें कर भारतीय प्रवासियों से जुड़ेंगी।
अमेरिकी प्रवास की शुरुआत शिकागो से होगी, जहां 28 अगस्त से वित्त मंत्री उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों और निवेशकों के साथ भारत के आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा करेंगी। इस दौरान वह शिकागो विश्वविद्यालय के ‘पोल्स्की सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन’ का दौरा करेंगी, जिसका उद्देश्य भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक तकनीकी नवाचारों के बीच समन्वय स्थापित करना है। शिकागो में प्रवासी भारतीयों के साथ भी एक विशेष संवाद रखा गया है।
इसके पश्चात, वित्त मंत्री नॉर्थ कैरोलिना के एशविल में अमेरिकी G20 अध्यक्षता के तहत आयोजित वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की उच्चस्तरीय बैठक में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगी। 31 अगस्त व 1 सितंबर को होने वाली इस मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले 29-30 अगस्त को उप-प्रतिनिधियों की बैठक संपन्न होगी, जहां भारत विकसित और विकासशील देशों के हितों तथा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।
दौरे के अंतिम चरण में न्यूयॉर्क प्रवास के दौरान वित्त मंत्री वित्तीय कंपनियों के प्रमुखों के साथ विशेष निवेश बैठकें करेंगी। साथ ही, वह अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार नैस्डैक (NASDAQ) के बेल-रिंगिंग समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी, जिससे आधुनिक पूंजी बाजार और वित्तीय तकनीक (Fintech) के उभरते संबंधों के बीच भारतीय आर्थिक हितों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा सके।