सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े रुख के बाद प्रशासनिक अमले ने आरोपियों के पांच अवैध ठिकानों पर बुलडोजर चला दिया। मुख्यमंत्री के सागर दौरे के तत्काल बाद जिला प्रशासन ने यह दंडात्मक कदम उठाते हुए शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।
इस संयुक्त अभियान में बंडा शराब कांड से जुड़े मुख्य आरोपी मनीष लोधी के तीन निर्माण, चंद्रभान राजपूत का एक पक्का ढांचा और आशीष साहू का एक अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया। नगर परिषद बंडा के अमले और पुलिस बल ने मिलकर सरकारी जमीन पर गैरकानूनी रूप से निर्मित मकानों, बहुमंजिला इमारतों और गोदामों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
अभियान के समय कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार, नगर परिषद सीएमओ तथा भारी पुलिस बल पूरे समय घटनास्थल पर मुस्तैद रहा। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी इन अनाधिकृत संपत्तियों का इस्तेमाल शराब के अवैध कारोबार के संचालन के लिए भी कर रहे थे।
प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर चलाने से ठीक 24 घंटे पहले संबंधित परिसरों पर नोटिस चस्पा कर अतिक्रमण के संबंध में जवाब तलब किया था। दी गई मियाद में आरोपियों की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर यह विध्वंस कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों और अवैध धंधों में लिप्त तत्वों के खिलाफ सख्ती आगे भी जारी रहेगी।