मध्यप्रदेश पुलिस ने राज्य स्तर पर संगठित साइबर अपराधियों के विरुद्ध जारी अभियान में पिछले 10 दिनों के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की अलग-अलग शाखाओं ने आधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक, अंतर्राज्यीय समन्वय और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के एमआरएम/जीआरएम मॉड्यूल की मदद से ऑनलाइन निवेश, शेयर बाजार फ्रॉड, रिफंड घोटाले और वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर चल रहे कई बड़े रैकेट्स का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में कई राज्यों से जुड़े शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही नकदी, वाहन, मोबाइल और बैंक दस्तावेज बरामद किए गए हैं, वहीं तकनीकी दखल से पीड़ितों के लाखों रुपये डूबने से भी बचाए गए हैं।
ग्वालियर संभाग में साइबर क्राइम विंग ने निवेश का झांसा देकर 1 करोड़ 63 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राज्यीय सिंडिकेट के अहम सदस्य को दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए सक्रिय साइबर जालसाजों को ‘म्यूल’ (किराए के) बैंक खाते मुहैया कराता था। पुलिस ने उसके पास से 26 डेबिट और प्रीपेड कार्ड, अहम बैंक दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गुना जिले में पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनियों से महंगे फोन मंगाकर फर्जी रिफंड हासिल करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 4 सदस्यों को पकड़ा है। यह गिरोह जाली सिम और बैंक खातों की आड़ में काम कर रहा था। इनके पास से एक इलेक्ट्रिक कार (ईवी) और 25 मोबाइल फोन समेत 60 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त, गुना साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी के शिकार हुए लोगों के 1.35 लाख रुपये समय रहते ब्लॉक कराकर वापस कराए।
इंदौर में पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। विजयनगर थाने ने उत्तर प्रदेश साइबर सेल की सहायता से ‘नोकिया सिक्योरिटीज’ (Nokia_Securities) नामक फर्जी ऐप के जरिए ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का प्रलोभन देने वाले गिरोह के 13 जालसाजों को गिरफ्तार किया। वहीं एरोड्रम थाना पुलिस ने एक अन्य संगठित सिंडिकेट के 16 सदस्यों को पकड़कर उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया। इसी क्रम में तिलक नगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आवेदक के ठगे गए 1,39,860 रुपये सुरक्षित वापस कराए।
पन्ना पुलिस ने राजस्थान और बिहार तक फैले नेटवर्क्स पर कार्रवाई की। दौसा (राजस्थान) से वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर 5.87 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया; इनके पास से 5.82 लाख रुपये नकद मिले। इसके अलावा, टाटा पावर सोलर की फर्जी डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के नाम पर 1.60 लाख रुपये ठगने वाले 3 आरोपियों को बिहार से पकड़ा गया, जिनसे 47 हजार रुपये नकद और 5 मोबाइल बरामद हुए। पन्ना में ही फोन हैक कर खाते से 1 लाख रुपये उड़ाने वाले 4 अन्य अभियुक्तों को भी 11 हजार रुपये नकद सहित गिरफ्तार किया गया।
देवास पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) का प्रयोग करते हुए दो मामलों में 87,910 रुपये पीड़ितों को लौटाए। वहीं अशोकनगर में चलाए जा रहे ‘सेफ क्लिक’ अभियान और तकनीकी सतर्कता से पीड़ितों के 1.43 लाख रुपये समय पर फ्रीज कराकर उनके खातों में लौटाए गए।
राज्य पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। पुलिस परामर्श के अनुसार, किसी भी अज्ञात लिंक, एपीके फाइल, सोशल मीडिया विज्ञापनों, घर बैठे कमाई, फ्रेंचाइजी ऑफर अथवा ट्रेडिंग में अवास्तविक लाभ के दावों पर भरोसा न करें। अपने वित्तीय और व्यक्तिगत विवरण—जैसे ओटीपी, यूपीआई पिन या पहचान पत्र—किसी से साझा न करें। धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, ताकि रकम को तत्काल रोका जा सके।