भारतीय नौसेना का अग्रणी युद्धपोत ‘आईएनएस त्रिशूल’ फ्रांसीसी नौसेना के साथ आयोजित होने वाले द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘वरुण’ के 24वें संस्करण में हिस्सा लेने के लिए 22 सितंबर 2026 को फ्रांस के टूलॉन बंदरगाह पर पहुंच गया। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की।
मंत्रालय के अनुसार, इस बहुस्तरीय युद्धाभ्यास के दौरान बंदरगाह और समुद्र दोनों स्थानों पर व्यापक पेशेवर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों के बीच क्रॉस-डेक दौरे, संयुक्त ऑपरेशनल चर्चाएं और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने वाली खेल प्रतियोगिताएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इन साझा कार्यकलापों का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के मध्य परिचालन अनुभवों और बेहतरीन कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का आदान-प्रदान करना है। इससे न केवल दोनों बलों के बीच आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) में बढ़ोतरी होगी, बल्कि समुद्री अभियानों से जुड़ी रणनीतिक समझ भी पहले से अधिक सुदृढ़ होगी।
आईएनएस त्रिशूल का यह पड़ाव भारत और फ्रांस के बीच ऐतिहासिक और मजबूत समुद्री साझेदारी का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच लगातार विस्तृत हो रहे समुद्री सहयोग और प्रगाढ़ होते रक्षा संबंधों की दिशा को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।