नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलावों का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने घोषणा की है कि आयकर अधिनियम-2025 आगामी 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कर कानूनों को सरल बनाना और फॉर्म्स को नए सिरे से डिजाइन करना है ताकि आम नागरिक आसानी से इनका पालन कर सकें।
TCS और रेमिटेंस में राहत: बजट में उदारीकृत रेमिटेंस योजना (LRS) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज के खर्च पर बड़ी राहत दी गई है। 10 लाख रुपये से अधिक के रेमिटेंस पर TCS (Tax Collected at Source) की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है। हालांकि, अन्य उद्देश्यों के लिए यह दर 20% बनी रहेगी। इसके अलावा, स्क्रैप, खनिज और तेंदू पत्तों पर भी TCS को तर्कसंगत बनाते हुए 2% करने का प्रस्ताव है।
कॉर्पोरेट और शेयर बाजार पर असर: शेयर बायबैक के जरिए होने वाली आय पर अब सभी शेयरधारकों के लिए पूंजीगत लाभ (Capital Gains) के रूप में कर लगेगा। प्रमोटरों के लिए प्रभावी कराधान 22% (कॉर्पोरेट) और 30% (गैर-कॉर्पोरेट) होगा। साथ ही, वायदा सौदों (Futures) पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% कर दिया गया है।