देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल मंगुभाई पटेल: “लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणापुंज”

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल मंगुभाई पटेल: “लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणापुंज”

इंदौर: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल और कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों को समाज के प्रति उनके उत्तरदायित्वों का बोध कराया। उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को राजनीतिक शुचिता और महिला सशक्तिकरण की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्य 300 वर्षों बाद भी प्रासंगिक हैं। राज्यपाल ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि देवी अहिल्याबाई ने गुजरात के जूनागढ़ से 60 परिवारों को लाकर इंदौर में बसाया था।

दीक्षांत केवल उपाधि नहीं, जिम्मेदारी है राज्यपाल ने शोधार्थियों को पीएचडी और पदक प्रदान करते हुए कहा कि यह उपाधि केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पदक प्राप्त करने वालों में बेटियों की संख्या बेटों से अधिक है, जो “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

रामायण से सीखें जीवन मूल्य विद्यार्थियों को जीवन के आदर्शों की सीख देते हुए राज्यपाल ने कहा कि हमें रामायण के हर पात्र से शिक्षा लेनी चाहिए। उन्होंने भगवान श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी अपनी मर्यादा और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।

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