नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास पर केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध भारतीय डाक कर्मचारी संघ (बीपीईएफ) के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर बातचीत और सकारात्मक परामर्श को प्राथमिकता देती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की पारदर्शी, जवाबदेह और कर्मचारी-हितैषी नीतियों की बदौलत ही बीते 25 से 30 वर्षों से अटके कई सेवा संबंधी मामलों को सफलतापूर्वक हल किया जा सका है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और कर्मचारियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए पुरानी शिकायतों के निवारण हेतु ठोस प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया और निरंतर प्रशासनिक सुधारों से जनप्रशासन में शिकायत निवारण प्रणाली बेहद मजबूत हुई है। इसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों की समस्याओं का निष्पक्ष, नियमसंगत और समयबद्ध निपटारा संभव हो पा रहा है।
इस बैठक में भारतीय डाक कर्मचारी संघ (बीपीईएफ) का 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जिसका नेतृत्व महासचिव अनंत कुमार पाल कर रहे थे। इस दल में बिहार, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वार्ता के दौरान कर्मचारियों की सेवा से जुड़ी परिस्थितियों, कल्याणकारी योजनाओं, मान्यता से जुड़े विषयों और कोर्ट में लंबित प्रशासनिक व कानूनी मामलों के शीघ्र समाधान पर गहन चर्चा की गई।
कर्मचारी संगठनों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हर न्यायसंगत अभ्यावेदन का मूल्यांकन नियमों के तहत पूरी निष्पक्षता से किया जाता है। चूंकि कई मुद्दे विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से जुड़े होते हैं, इसलिए एक मजबूत, पारदर्शी और स्थायी कानूनी समाधान निकालने के लिए संस्थागत स्तर पर व्यापक परामर्श आवश्यक होता है। उन्होंने प्रतिनिधियों से अपील की कि वे प्रशासनिक व्यवस्था और सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव और विचार लगातार साझा करते रहें।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक सुधारों को लागू करने और शिकायत निवारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। संघ के सदस्यों ने कहा कि दशकों पुराने सेवा संबंधी मामलों के निस्तारण से कर्मचारियों का सरकारी व्यवस्था में भरोसा बढ़ा है। इसके साथ ही उन्होंने पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की भूमिका की विशेष रूप से तारीफ की।
मुलाकात के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने संवाद का अवसर देने के लिए केंद्रीय मंत्री के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। संघ के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों की रक्षा, प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि और सुशासन को सशक्त करते हुए उनकी उचित मांगों को पूरा करने के लिए इसी तरह प्रयासरत रहेगी।