प्रिंस रहीम आगा खान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और गृह मंत्री अमित शाह से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक विकास पर हुई चर्चा

प्रिंस रहीम आगा खान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और गृह मंत्री अमित शाह से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक विकास पर हुई चर्चा

आगा खान का पदभार ग्रहण करने के उपरांत अपनी पहली भारत यात्रा पर आए प्रिंस रहीम आगा खान पंचम ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इसके पश्चात उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भी औपचारिक भेंट की। इन दोनों बैठकों के दौरान भारत सरकार और आगा खान विकास नेटवर्क (एकेडीएन) के मध्य मानवीय कल्याण एवं सामाजिक उत्थान के कार्यक्रमों को गति देने पर विचार-विमर्श हुआ।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन आगमन पर प्रिंस रहीम का स्वागत किया तथा उनके पिता, स्वर्गीय आगा खान चतुर्थ के देहावसान पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि देश में आगा खान चतुर्थ और एकेडीएन के लोकहितैषी योगदान को सदैव अत्यधिक आदर और आत्मीयता के साथ याद किया जाता है।

मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने भारत में संगठन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पेयजल, स्वच्छता, शिक्षण, मातृ स्वास्थ्य, शहरी कायाकल्प, महिला सशक्तीकरण तथा रोजगार निर्माण से जुड़ी एकेडीएन की योजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) का उत्कृष्ट प्रारूप हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि यह सहयोग दर्शाता है कि गैर-लाभकारी संस्थाएं शासन के साथ मिलकर किस तरह नागरिकों के जीवनस्तर में सार्थक सुधार ला सकती हैं।

उसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में आपसी सहयोग के नए आयामों पर विमर्श हुआ। बैठक के संदर्भ में अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रिंस रहीम से भेंट अत्यंत सुखद रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवीय प्रगति के साझा संकल्प पर आधारित एकेडीएन के साथ अपने संबंधों को भारत अत्यधिक प्राथमिकता देता है।

गृह मंत्री ने बताया कि इस परिचर्चा का प्रमुख केंद्र सामाजिक विकास, सिंचाई प्रणाली और सहकारिता के दायरे में आपसी तालमेल को सुदृढ़ करना था। इसके अतिरिक्त बैठक में श्रीअन्न (मिलेट्स) आधारित प्राकृतिक कृषि पद्धतियों और सौर ऊर्जा के विस्तार में सहभागिता की संभावनाओं पर भी विस्तृत विचार हुआ। दोनों पक्षों ने पर्यावरण अनुकूल विकास और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इन साझेदारियों को निरंतर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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